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The college has a huge auditorium with a seating capacity of about eight hundred. It serves as the hub of all academic deliberations and cultural activities in the college.It is the space created to display talent, encourage creativity, channel thought and foster communication.The sound system includes a 12-channel mixer and a studio master. The light room can operate almost100 lights at the same time with the help of its electronic dimmer. The 40 × 60 ft stage has an automatic main curtain and two other curtains. There are also 16mm and digital video projectors, which can screen films and presentations as and when required.

Botanical Garden

Our wide botanical garden/ground is laid out with expansive manicured lawns. These are dotted with numerous species of plants and flowers providing a peaceful haven and refuge from the bustle of city streets.Botanical garden is regularly managed and maintained.Plants, herbs, flowers and other species includes all species of course curricula is available to study for students.

Counseling Room

D. B. S. college is running and managing counseling room participated by all faculties to provide counseling to students. Through Parents and teachers association we also counsel the students, under the direction of both, children shape their future. Therefore direction and dedication is very important for children. The motive of this counseling room was to discuss the problems of the student that they face about their career. In this meeting the students/parents discussed the problems. Members of the association have enlightened them with all possible options. The employment cell, various other career oriented programs that that has been organized by the college time to time. Teachers of this cell have consulted the problems minutely and sincerely and have counseled them in a proper order to brighten their future . The Employment cell several times organized Campus Placement / Recruitment , Counseling and various awareness programme for the career and jobs of the students. Their carrier counselling and employment prospects are monitered by Employment Cell . At the graduate level personal counseling is done at the college level by a committee. Participation of teacher in academic and personal counseling of student is 10:1. Teachers guide and inform the student time to time recording the current placement and research development.

College Magazine

The college publishes the Annual College Magazine regularly . The students are motivated to get their articles published there in through their departments. The college brings out its magazine which contains essays, articles, stories and poems written by both teachers and students. The magazine carries three sections one each in English, Hindi and Sanskrit.

Common Room

The college library is well furnished with a common room/hall for students. Common room has a facility of seating more than 200 students at a time. There is a provision of seating girls and boys separately.


The college has a spacious and well-designed cafeteria/canteen to serve refreshments at controlled rates. It can accommodate about 100 students at a time. The canteen functions under the supervision of a Cafeteria/Canteen Committee of the Staff Council. Students may give suggestions in writing to the members/convenor of the cafeteria committee/Principal for the improvement of the College Cafeteria/Canteen. The college cafeteria/canteen is a favorite spot for students and teachers. Throughout the day it echoes with gales of laughter and the chatter of students. The canteen provides snacks and beverages at affordable prices.

Sports Ground

D. B. S. College possesses the largest well maintained play ground of the city with all the facilities, which automatically attract the sports persons and sports enthusiasts. A wide playground is available in D. B. S. College. Playground is big enough to play many games at a time. Surface of ground is designed in such a way that cricket, hockey, football and other games can be played in a well manner. It is maintained regularly and monitored regularly by the Sports Board. Many tournaments, inter-college competitions, annual sports and other sports are performed on the ground.

First Aid Cell

The first aid facility is available in college. It is equipped with all first aid medicines, creams, ointments, pain killers, bandage, cotton, and many more. For emergency services a van is available during college hours to carry ill person to nearest hospital. First Aid facilities are available to cope with everyday injuries & other problems.


राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना सन १९१७ में यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग कोर के रुप में हुई थी। सन १९४१ में यह यूनिवर्सिटी आफिसर्स ट्रेनिंग कोर के रूप में परिवर्तित हो गई । तीस वर्षों के विकासात्मक परिवर्तन के पश्चात १६ नवंबर १९४८ में एन. सी. सी. ने स्वतंत्र भारत में त्रिआयामी सेवा संघटन के रूप में जन्म लिया जिसमें वर्ष १९४८ में गर्ल्स डिवीजन को, १९५० में एयर विंग को, तथा वर्ष १९५२ में नेवल विंग को सम्मिलित किया गया। उत्तर प्रदेश में एन. सी. सी. सन १९४८ में अस्तित्व में आयी। १७ जनवरी १९५० को ले. कर्नल दिलबाग सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालय की स्थापना हुई। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में एन. सी. सी. विकास का बहुआयामी महत्व : वर्तमान युग भौतिकता एवं विकास के लिये जाना जाता है। वैज्ञानिक आविष्कारों एवं संचार क्रान्ति ने सम्पूर्ण विश्व एवं वैश्विक गतिविधियों को पूरी तरह समेटकर छोटा कर दिया है इस काम में जीवन मूल्य, रोजगार के अवसर, नैतिकता, सच्चे नेतृत्व, मानवाधिकारों एवं एकता का अपार ह्रास हुआ है। विकास की अन्धी दौड भौतिकता तक ही सीमित है। मानवता के लिये चिन्तन करने वाले विरले ही हैं। इस भाव दशा में एन. सी. सी. का अमूल्य योगदान है। अनुशासन, एकता, क्रियाशीलता, संगठन, नेतृत्व, सेवा, देशप्रेम और सच्ची नागरिकता के प्रति कैडेटों को जागरूक करने का प्रयास ही एन. सी. सी. के प्रशिक्षण का अभिन्न अंग है। एन. सी. सी. संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में अपूर्व योगदान होता है। अनुशासित कैडेट सबके आकर्षण का केंद्र व सबकी आवश्यकता होती है जिसे विकसित करना एन. सी. सी. अपना लक्षय मानता है। एन. सी. सी. आत्मनिर्भरता एवं आत्मविश्वास जागृत करके युवा कैडेट्स नेतृत्व की अनुभव क्षमता प्रदान करने में सर्वदा सक्षम है, जिससे ये न केवल अपने प्रति अन्याय से रक्षा बल्कि समाज एवं राष्ट्र की दिशा एवं विचारधारा को भी बदलने में सक्षम होते हैं। राष्ट्र के उत्थान में एन. सी. सी. का सहयोग : किसी भी राष्ट्र के उत्थान में उस देश के बच्चों एवं नवयुवकों में छिपी संभावनाओं एवं स्थैतिक ऊर्जा का योगदान होता है। एन. सी. सी. इस स्थैतिक ऊर्जा को गतिशीलता एवं स्थूल रूप प्रदान करनेमें भरपूर सहयोग करता है। एन. सी. सी. शब्द सुनने से ही हमारे मन मस्तिष्क में ऐसे किशोर नवयुवक की तस्वीर उभरती है जो अपने आप में अनूठा होता है। हमारे देश की विशेषता अनेकता में एकता एन. सी. सी. का उद्देश्य ही है एकता एवं अनुशासन से पूरित व्यक्तित्व का विकास करना इसके लिये यह संगठन किशोरों को उत्तरदायित्व से ओत प्रोत कार्य करने को प्रेरित करता है। एन. सी. सी. के पास अपने नवयुवकों को प्रशिक्षण देने के लिये अपने उद्देश्य हैं, जिनमें निम्न प्रमुख हैं : > कैडेट्स को राष्ट्र एवं समाज के प्रति उत्तरदायी बनाना >कैडेट्स को आकस्मिक एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समाजोपयोगी बनाना > कैडेट्स में एकता एवं अनुशासन की भावना जगाना >कैडेट्स में छिपी सभी विधाओं को प्रगट करना > कैडेट्स में आत्मविश्वास, निर्भीकता एवं साहस उत्पन्न करना > कैडेट्स में निर्णय लेने की क्षमता उत्पन्न करना > कैडेट्स में परोपकार एवं सर्व धर्म संभाव की भावना उत्पन्न करना > कैडेट्स में राष्ट्र सुरक्षा सर्वोपरि की भावना का समावेश करना एन. सी. सी. एक वरदान : एन. सी. सी. राष्ट्रोम के लिये वरदान है जो विभिन्न प्रकार की जातियों के बीच मानवता और एकता का संदेश देता है। एन. सी. सी. आज के समाज में मनुष्य को एक सफल एवं कुशल नागरिक बनाने में सहयोग प्रदान करता है। एन. सी. सी. का सर्वप्रथम उद्देश्य मनुष्य की अंदर की शक्ति को पहचानना है और उसी शक्ति को मनुष्य के भीतर जागृत करना है जिससे मनुष्य की मानसिकता विकसित होती है वर्तमान समय में डी. बी. एस. पी. जी. कालेज में एन. सी. सी. यूनिट में १०६ कैडेट्स हैं जिसमें १८ बलिकायें हैं। वर्तमान समय में एन. सी. सी. यूनिट के प्रभारी लेफ्टिनेंट एन. पी. सिंह हैं एवं वर्ष २००२ से २००७ तक डी. बी. एस. पी. जी. कालेज के अनेकों कैडेट्स सेना की अलग अलग कोर में भर्ती हो चुके हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में एन. सी. सी. छात्रों को पढाई के साथ साथ रोजगार प्रदान करने वाली है एवं सैन्य सेवाओं के अलावा भी छात्रों को एन. सी. सी. के अतिरिक्त अंक कई नौकरियों एवं पाठ्यक्रमों को लाभप्रद होते हैं

Rovers & Rangers Club

रोवर्स एवं रेन्जर्स क्लब की स्थापना वर्ष १९८४ में की गई थी जिसे रोवर्स छात्रों एवं रेन्जर्स छात्रों के लिये बनाया गया था, प्रतिवर्ष इनके सदस्यों की संख्या ४८ होती है जिसमें कुछ नवीन व कुछ पुराने छात्र सम्मिलित किये जाते हैं। सभी सदस्यों की बैठक साल में ४ या ५ बार होती है, जिसे विभिन्न क्षेत्रों के बुद्दिजीवी वर्ग सम्भोदित करते हैं। छात्र छात्राओं को रोवर्स एवं रेन्जर्स क्लब के उद्देश्यों एवं सिद्धान्तों की जानकारी दी जाती है, जिसमें प्रमुख रूप से राष्ट्रियता व सामजिक मूल्यों के प्रति प्रतिब्द्ध्ता, निष्ठा एवं ईमानदारी की भावना को प्रेरित किया जाता है। हमारे यहां प्रति वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित किसी भी कालेज में रोवर्स एवं रेन्जर्स क्लब का समागम होता है। यह कार्यक्रम ३ दिवसीय होता है, जिसमें निबन्ध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड नाटक, पुन: निर्माण व गांठ बंधन, स्ट्रेचर व ड्रिल अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। वर्ष २००५-२००६ में यह कैम्प गवर्नमेंट डिग्री कालेज शिवराजपुर में आयोजित हुआ था जिसमें हमारे छात्र छात्राओं ने भाषण प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता में प्रथम व द्वितीय स्थान भी प्राप्त किये थे तथा पुरस्कार भी प्राप्त किये वर्ष २००६-२००७ में हमारी टीम जनता महविद्यालय, अजीतमल भी गई थी जहां पर छात्र छात्राओं ने सभी कार्यक्रमों में भाग लिया और अच्छे प्रदर्शन भी किये जिसमें तृतीय स्थान भी प्राप्त किया। इसी प्रकार से प्रति वर्ष महाविद्यालय में विभिन्न कार्यक्रम पर्यावरण संगोष्ठी, पर्यावरण रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि में हमारे विद्यार्थी भाग लेते हैं। गर्मी के समय में कभी कभी पेयजल पूर्ती का कार्य भी करते हैं। वर्ष २००७-२००८ रोवर्स एवं रेन्जर्स क्लब ने विवेकानंद ग्रामोद्योग महाविद्यालय में अन्तर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में भाग लिया। रोवर्स टीम ने निबन्ध प्रतियोगिता में भाग लिया जिसमें जिसमें नीरज आनन्द व विनय चौरसिया ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, क्विज प्रतियोगिता में शिव प्रकाश शुक्ल व प्रशान्त मिश्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, पोस्टर प्रतियोगिता में विनय चौरसिया ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, क्विज प्रतियोगिता में शिव प्रकाश शुक्ल व शिव मंगल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रशान्त मिश्र व नीरज आनन्द ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, निबन्ध प्रतियोगिता में शिवांगी दीक्षित व आरती यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, क्विज प्रतियोगिता में आकांक्षी दीक्षित व प्रिया सचान ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, पोस्टर प्रतियोगिता में शिवांगी दीक्षित व अनुकृति सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, भाषण प्रतियोगिता में अनन्या सिंह व आकांक्षी दीक्षित ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ हमारे रोवर्स एवं रेन्जर्स ने नाट्य प्रतियोगिताओं में भाग लेकर महाविद्यालय का नाम रोशन किया। अन्तर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं मे रोवर्स टीम ने तृतीय व रेन्जर्स टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त कर शील्ड भी प्राप्त की।

Research Cell

The college has a research cell to monitor the overall research activity . the cell comprises of the following members.

  • 1. Dr. R. S. Thakur
  • 2. Dr. U. K. Pandey
  • 3. Dr. V. K. Khare
  • 4. Dr. Rajesh Nigam
  • 5. Dr. Uma Tandon


The cell coordinates and motivates the teachers to take up the major and minor research projects. The cell also coordinates in the seminar organization by the different departments.The institution promote the faculty for active participation in research by –

  • A] P. G. students are engaged in project and dissertation as a part of their academic curricula
  • B] Teachers are given study leave
  • C] Adjustment in teaching schedule of such teachers
  • D] Library facility is made available


All P. G. departments have developed research wing. Departmental library is enriched with the research journals. use of ICT and internet has also been initiated The 4873 New books & 57 new journals 20 New Magazines have been purchased. A seared reading room for students, reading/ periodical section for higher & research studies with sitting facilities has been started since last two years. Ten computers have with two printers and one photocopy machine has also been included with in two years. Current awareness services are also provided to the teachers & research scholars. The college motivates the teachers for research activity, provides the necessary infrastructure, sanctions leave, library facility, computer facility etc. The Institution ensures the development of faculty by encouraging them to organize National Seminars, Symposium, Debates within their respective departments. The faculty members are limberly allowed leaves to attend seminars, workshops, symposia, refresher course, orientation courses organize outside the institution. For publication of quality research papers, for preparation of minor and major research projects, the Research Development Committee ( RDC ) of the institution encourages the faculty members and later on monitors the progress. Number of ongoing Research Scholors - 107

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